जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

गुरुवार, 5 मई 2016

फूलों द्वारा वशीकरण......भाग 5 आकर्षक बने..



"गुलमोहर " का फूल एक ऐसा फूल है, जिस के द्वारा आप अपने को आकर्षक बना कर अपने मित्रों का तथा समाज के सभी क्षेत्रों में सर्व जन वशीकरण कर लाभ उठा सकते हो  !!

वशीकरण क्रिया में  सबसे अधिक और महत्वपूर्ण स्थान स्वयं को आकर्षक बनाना, जी से आप का व्यक्तित्व ऐसा बने कि लोग अपने आप आप से बात करने के हमेशा उत्सुक रहें, तथा उन्हें आप से मिलने की उत्सुकता बनी रहें, इसके लिए आपका  रंग चाहे काला हो या गौरा इस बात से कोई फर्क नही पड़ता, बस आपका व्यक्तिव दूसरों को आकर्षित करें ऐसा प्रयोग आज आपको इसी श्रृंखला के अंतर्गत बताने जा रहा हूँ.

अब  तक आप और हम सब लोग केवल पूजा, श्रृंगार आदि सजावट के कार्यों में फूल अर्पित करते होंगे. लेकिन आप ये नही जानते कि फूल में इतनी अधिक शक्तियां गुप्त रूप से विद्यमान रहती है जिसके द्वारा हम सभी अपनी समस्त मनोकामना तथा सभी जीवों पर वशीकरण क्रिया कर सकने में सक्षम होते है, 

सभी मनोकामना के लिए शास्त्रों में अलग अलग फूल का निर्देश दिया है, क्योंकि सभी फूलों में अलग अलग देवी देवता का वास या आधिपत्य होता है.अलग अलग मनो कामना के लिए अलग अलग रंग-रूप के फूलों की आवश्यकता होती है,

प्रत्येक फूल का अपना एक अलग वार होता है तथा उसके गुण किसी दुसरे फूल में मिलान नही करते है, आकर्षक बनने के लिए आप "गुलमोहर फूल" का प्रयोग करें. यह फूल आकर्षक बनाने में बहुत अधिक सहायक है,

वास्तव में गुलमोहर का सही नाम 'स्वर्ग का फूल' ही है. भरी गर्मियों में गुलमोहर के पेड़ पर पत्तियाँ तो नाममात्र होती हैं, परंतु फूल इतने अधिक होते हैं कि गिनना कठिन  होता  है, संस्कृत में इसका नाम 'राज-आभरण' है, जिसका अर्थ राजसी आभूषणों से सजा हुआ वृक्ष है.

गुलमोहर के फूलों से श्रीकृष्ण भगवान की प्रतिमा के मुकुट का शृंगार किया जाता है.इसलिए संस्कृत में इस वृक्ष को 'कृष्ण चूड' भी कहते हैं.ये फूल लाल के अलावा नारंगी, पीले रंग के भी होते हैं, लेकिन इस प्रयोग के लिए लाल रंग के फूल ही उपयोग में लायेंगे.
हमारे प्राचीन ग्रंथों में ऋषि मुनियों ने इस गुल मोहर फूल में सौन्दर्य और आकर्षण के देवता जो कि  कामदेव जी है इन्ही कामदेव जी का वास गुलमोहर फूल में रहता है, 


अतः हम आज इस गुलमोहर  के फूल द्वारा अपने शरीर और अपने व्यक्तित्व की आकर्षक बना  सकते है,

कैसे ????

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