जय श्री कृष्णः.श्री कृष्ण शरणं मम.श्री कृष्ण शरणं मम.चिन्ता सन्तान हन्तारो यत्पादांबुज रेणवः। स्वीयानां तान्निजार्यान प्रणमामि मुहुर्मुहुः ॥ यदनुग्रहतो जन्तुः सर्व दुःखतिगो भवेत । तमहं सर्वदा वंदे श्री मद वल्लभ नन्दनम॥ जय श्री कृष्णः

शुक्रवार, 6 मई 2016

अंगो के फड़कने का रहस्य.....

भारत में भविष्य कथन की अनेकों पद्धतियां विद्यमान हैं.तथा ऋषि मुनियों ने अपने तप और ज्ञान के अनुसार मानुषों के लिए बहुत सी विधियाँ विकसित की इन्हीं विधियों में से एक है मनुष्य के अंगों और उसके लक्षण द्वारा भविष्य कथन करना.इस विधि या पद्धति को "सामुद्रिक शास्त्र" के नाम से जाना जाता है.

क्या है ऋषि मुनियों का सामुद्रिक शास्त्र?......

एक पोराणिक कथा अनुसार जो कि भविष्यपुराण में वर्णित है, कि भगवान कार्तिकेय जी ने बहुत शौध कर के एक ग्रंथ की रचना की थी, उस ग्रन्थ में लक्षण शास्त्र का पूर्ण विवरण दिया हुआ था लेकिन इस ग्रंथ के पूरा होने से पहले ही किसी बात पर भगवान शिव क्रोधित हो गये तो भगवान शिव ने इस ग्रन्थ को समुद्र में फेंक दिया. जब शिव जी का गुस्सा शांत हुआ तो उन्होंने समुद्र से बचा हुआ कार्य पूरा करने को कहा और इस तरह इस शास्त्र को "सामुद्रिक शास्त्र" नाम से प्रतिष्ठित किया.

"सामुद्रिक शास्त्र" शरीर के अंगों के फड़कने के फलों के रहस्य को बताया गया है, "सामुद्रिक शास्त्र"अनुसार इंसान का शरीर बेहद संवेदनशील होता है और उसके पास ऐसी ताकत है जो होने वाली घटना को पहले ही भांप ले. "सामुद्रिक शास्त्र"की सहायता से आप इंसान के फड़कते हुए अंगों को जानकर उसके साथ भविष्य में होने वाली घटना के संकेतों को जान सकते हैं..

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सामुद्रिक शास्त्र अनुसार पुरुष के शरीर का अगर बायां भाग फड़कता है तो भविष्य में उसे कोई दुखपूर्ण  घटना झेलनी पड़ सकती है. 

वहीं अगर उसके शरीर के दाएं भाग में हलचल रहती है तो उसे जल्द ही कोई बड़ी खुशखबरी सुनने को मिल सकती है. 

जबकि महिलाओं के मामले में यह उलटा है, यानि उनके बाएं हिस्से के फड़कने में खुशखबरी और दाएं हिस्से के फड़कने पर बुरी खबर सुनाई दे सकती है.

किसी व्यक्ति के माथे पर अगर हलचल होती है तो उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है वहीं कनपटी के पास फड़कन पर धन लाभ होता है.

अगर व्यक्ति की दाईं आंख फड़कती है तो यह इस बात का संकेत है कि उसकी सारी इच्छाएं पूरी होने वाली हैं और अगर उसकी बाईं आंख में हलचल रहती है तो उसे जल्द ही कोई अच्छी खबर मिल सकती है.लेकिन अगर दाईं आंख बहुत देर या दिनों तक फड़कती है तो यह लंबी बीमारी की तरफ इशारा करता है.

अगर इंसान के दोनों गाल एक साथ फड़कते हैं तो इससे धन लाभ की संभावना बढ़ जाती है..

अगर किसी इंसान के होंठ फड़क रहे है तो इसका अर्थ है उसके जीवन में नया दोस्त आने वाला है.

अगर आपका दाया कन्धा फड़कता है तो यह इस बात का संकेत है कि आपको अत्याधिक धन लाभ होने वाला है. वहीं बाएं कंधे के फड़कने का संबंध जल्द ही मिलने वाली सफलता से है। परंतु अगर आपके दोनों कंधे एक साथ फड़कते हैं तो यह किसी के साथ आपकी बड़ी लड़ाई को दर्शाता है.

अगर आपकी हथेली में  हलचल होती है तो यह यह इस बात की ओर इशारा करता है कि आप
जल्द ही किसी बड़ी समस्या में घिरने वाले हैं और अगर अंगुलियां फड़कती है तो यह इशारा करता है कि किसी पुराने दोस्त से आपकी मुलाकात होने वाली है.

अगर आपकी दाई कोहनी फड़कती है तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि भविष्य में
आपकी किसी से साथ बड़ी लड़ाई होने वाली है। लेकिन अगर बाईं कोहनी में फड़कन होती है तो यह बताता है कि समाज में आपकी प्रतिष्ठा और ओहदा बढ़ने वाला है.

 पीठ के फड़कने का अर्थ है कि आपको बहुत बड़ी समस्याओं को झेलना पड़ सकता है..

दाई जांघ फड़कती है तो यह इस बात को दर्शाता है कि आपको शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा और बाईं जांघ के फड़कने का संबंध धन लाभ से है..

दाई पैर के तलवे के फड़कने का संबंध सामाजिक प्रतिष्ठा में हानि से और बाएं पैर के फड़कने का अर्थ निकट भविष्य में यात्रा से है.

अगर आपको अपनी  भौहों के बीच हलचल महसूस होती है तो यह इस बात की तरफ इशारा करता है कि निकट भविष्य में आपको सुखदायक और खुशहाल जीवन मिलने वाला है. इसके अलावा यह इस बात का भी संकेतक है कि आप जिस भी क्षेत्र में काम कर रहे हैं आपको उसमें अनापेक्षित सफलता मिलने वाली है.


गले का फड़कना भी एक अच्छा संकेत है क्योंकि यह आपके लिए खुशहाली, सम्मान और आराम लाने वाला है..

अगर किसी व्यक्ति की कमर का सीधा हिस्सा फड़कता है तो यह इस बात का संकेत है कि भविष्य में धन लाभ की संभावनाएं हैं.

संपूर्ण मस्तक का फड़कना दूर स्थान की यात्रा का संकेत समझना चाहिए तथा मार्ग में परशोनियां भी आती है.

सिर का मध्य भाग फड़के तो धन की प्राप्ति होती है तथा परेशानियों से मुिक्त मिलती है..

यदि ललाट मध्य से फडक़ ने लगे तो लाभदायक यात्रायें हातेी है। यदि पूरा ललाट फड़के तो राज्य से सम्मान तथा नौकरी में प्रमोशन होता है..

दाहिनी आंख का मध्य भाग फड़के तो व्यक्ति अपने लक्ष्य को प्राप्त कर धन अर्जित कर लेता है.

दाहिनी आंख चारो तरफ से फड़के तो व्यक्ति के रागी होने की संभावना रहती है..

बायीं आख का फड़कना स्त्री से दुख का, वियोग का लक्षण है.बांयी आंख चारो ओर से फड़कने लगे तो विवाह के योग बनते हैं.

किसी व्यक्ति की नाक फड़फड़ाती हो तो उसके व्यवसाय में बढ़ोत्तरी हातेी है.किसी व्यक्ति के नाक के नथुने के अंदर फड़फड़ाहट महसूस हो तो उसे सुख मिलता है.यदि नाक की जड़े फड़के तो लडा़ई झगड़ा होने की संभावना रहती है.

यदि दाहिने कान का छेद फड़फडा़ ता है तो मित्र से मुलाकात होती है.यदि दाहिना कान फड़फड़ाता है तो पद बढ़े, अच्छे समाचार की प्राप्ति हो, विजय मिले.

यदि बांये कान का पिछला भाग फडक़ ता है तो मित्र से बुलावा आता है अथवा कोई खुश खबरी
भरा पत्र मिलता है. यदि बांया कान बजे तो बुरी खबर सुनने को मिलती है.

किसी स्वस्थ व्यक्ति का दाहिना गाल फड़के तो उसे लाभ होता है. सुंदर स्त्री से लाभ मिलता है.

किसी व्यक्ति के संतान उत्पन्न होने वाली हो और उसके बायें गाल के मध्य में फड़फड़ाहट हो तो उसके घर कन्या का जन्म होता है और जन्म होने की संभावना न हो तो पुत्री से कोई शुभ समाचार मिलता है.

किसी व्यक्ति के दोनो और के गाल समान रूप से फडफ़डाएं तो उसे अतलु धन की प्राप्ति होती है.

किसी व्यक्ति का ऊपरी होठ फडफ़डायें तो शत्रुओं से हो रहे झगडे़ में समझौता हो जाता है.दोनों होठ फडफडा़यें तो कहीं से सुखद समाचार मिलता है.

मुंह का फड़फड़ाना पुत्र की ओर से किसी शुभ समाचार को सुनवाता है.यदि पूरा मुंह फड़के तो व्यक्ति की मनोकामनापूर्ण होती है.

किसी व्यक्ति की ठाडेी़ में फडफ़डा़हट का अनुभव हो तो मित्र के आगमन की सूचना देता है.

यदि तालु फड़के तो धन की प्राप्ति होती है.यदि बांया तालु फड़के तो व्यक्ति को जेल यात्रा करनी पड़ सकती है.

यदि दांत का ऊपरी भाग फडफ़ ड़ाहट करता है तो व्यक्ति को प्रसन्नता प्राप्त होती है.

यदि जीभ फड़के तो लड़ाई झगड़ा होता है, विजय मिलती है.

यदि किसी व्यक्ति की गर्दन बांयी तरफ से फड़कती हो तो धन हानि होने की आशंका तथा गर्दन

दांयी तरफ से फडके तो स्वर्ण आभूषणों की प्राप्ति होती है.

जब किसी व्यक्ति का दाहिना कंधा फड़फड़ाहट करता है तो उसे धन संपदा मिलती है.

बाजू फडफ़डा़ती है तो धन और यश की प्राप्ति होती है तथा बांई ओर की बाहं फडफ़डाए तो नष्ट अथवा खोई हुई वस्तु की प्राप्ति हो जाती है.

किसी व्यक्ति के दाहिने हाथ का अंगूठा फड़फड़ाये तो उसकी अभिलाषा पूर्ति में विलबं होता है और हाथ की अंगुलियां फडफ़डा़यें तो अभिलाषा की पूर्ति के साथ-साथ किसी मित्र से मिलन होता है.

किसी व्यक्ति के दाहिने हाथ की कोहनी फड़फड़ाती है, तो किसी से झगडा़ तो होता है परतुं विजय उसे ही मिलती है आरै बायें हाथ की काहे नी फड़फडा़ यें तो धन की प्राप्ति होती है.

किसी व्यक्ति के हाथ की हथेली में फड़फड़ाहट हो तो ये शुभ शकुन है। उसे आने वाले समय में शुभ सपंदा की प्राप्ति होती है.

हथलेी के किसी काने में फडफ़डा़हट हो तो निकट भविष्य में व्यक्ति किसी विपदा में फसं जाता है.

बायें हाथ की हथलेी में फड़फड़ाहट हो और वह व्यक्ति रोगी हो तो उसे शीघ्र ही स्वास्थ्य लाभ हो जाता है.

जहां कमर की दाहिनी ओर की फड़फड़ाहट किसी विपदा का संकेतदेती है, वहीं बांई आरे की फड़फड़ाहट किसी शुभ समाचार का संकेत देती है.

छाती में फड़फडाहट होना मित्र से मिलने की सूचना, छाती के दाहिनी आरे फडफ़डा़हट हो तो विपदा का संकेत, बांयी ओर फड़फड़ाहट हो तो जीवन में सघंर्ष और मध्य में फडफ़ डाहट हो तो लाके प्रियता मिलती है....


शेष अगले भाग में......


शुभमस्तु !!


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